राजस्थान पेट्रो ज़ोन से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति, मजबूत होगा औद्योगिक इकोसिस्टम – मुख्य सचिव

रिफाइनरी एवं डाउनस्ट्रीम उद्योगों के लिए प्रस्तावित त्रिपक्षीय समझौते को अंतिम रूप देने पर विचार-विमर्श
हिंद रफ्तार,जयपुर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को मजबूती प्रदान करने के लिए रिफाइनरी एवं उससे जुड़े डाउनस्ट्रीम उद्योगों के बीच मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्थान पेट्रो ज़ोन (आरपीजेड), बालोतरा में रिफाइनरी से प्राप्त फीडस्टॉक की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित त्रिपक्षीय समझौते को अंतिम रूप देने की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण की जाए।

मुख्य सचिव बुधवार को शासन सचिवालय में एचआरआरएल, डाउनस्ट्रीम उद्योगों एवं राज्य सरकार के बीच प्रस्तावित त्रिपक्षीय समझौते के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार एवं एचपीसीएल के संयुक्त उद्यम के रूप में पचपदरा (बालोतरा) में 9 एमएमटीपीए क्षमता की पेट्रोलियम रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स (आरपीसी) स्थापित किया जा रहा है, जिसका संचालन एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) द्वारा किया जाएगा।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग विभाग शिखर अग्रवाल ने बताया कि रीको द्वारा एचआरआरएल रिफाइनरी के पास आरपीजेड का विकास किया गया है। इस पेट्रो ज़ोन के माध्यम से रिफाइनरी के उप-उत्पादों एवं फीडस्टॉक की आपूर्ति के लिए एक प्रभावी और सुव्यवस्थित तंत्र विकसित किया जाएगा। एचआरआरएल द्वारा उत्पादित प्रमुख फीडस्टॉक का उपयोग आरपीजेड में स्थापित डाउनस्ट्रीम उद्योगों द्वारा किया जाएगा। इन उत्पादों के आधार पर आरपीजेड में प्लास्टिक, रसायन एवं अन्य संबंधित उद्योगों के व्यापक विकास की संभावनाएँ सृजित होंगी, जिससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों की अनुपालना में आरपीजेड में उद्योगों को फीडस्टॉक की नियमित आपूर्ति एवं उसके प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु त्रिपक्षीय समझौते का मसौदा तैयार किया गया है। इस समझौते के तहत रिफाइनरी उत्पादों की आपूर्ति एवं प्रबंधन की व्यवस्था निर्धारित की जाएगी। जिससे रिफाइनरी एवं डाउनस्ट्रीम उद्योगों के मध्य एक एकीकृत औद्योगिक इकोसिस्टम का विकास होगा एवं निवेश आकर्षण में वृद्धि से प्रदेश के औद्योगिक विकास को सुदृढ़ आधार मिलेगा।
बैठक में मुख्य सचिव द्वारा प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 21 अप्रैल को प्रस्तावित रिफाइनरी के उद्घाटन कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए ताकि निवेश आकर्षण को बढ़ावा मिले और प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति प्राप्त हो सके।

बैठक में एचपीसीएल के निदेशक (विपणन) अमित गर्ग, मुख्य महाप्रबंधक (पेट्रोकेमिकल) सौगता चौधरी एवं रीको तथा उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निदेशक कपिल वर्मा वीसी के माध्यम से जुड़े।
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