ब्यावर में कमांडेंट ने परखी रेस्क्यू टीम की तैयारी
हिंद रफ्तार
जयपुर। प्रदेश में मानसून के दौरान संभावित बाढ़, जलभराव और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राजस्थान राज्य आपदा प्रतिसाद बल (एसडीआरएफ) पूरी तरह सतर्क और तैयार है। एसडीआरएफ के कमांडेंट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के साथ ब्यावर में तैनात एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम E-3 का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया तथा जवानों का उत्साहवर्धन किया।
कमांडेंट सिसोदिया ने बताया कि 25 जून 2026 से मानसून सत्र को देखते हुए एसडीआरएफ की 70 प्रशिक्षित रेस्क्यू टीमों को प्रदेश के 35 आपदा संभावित जिलों में तैनात किया गया है। ये टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बाढ़, जलभराव एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेस्क्यू टीम के जवानों से संभावित बाढ़, तेज बहाव वाले क्षेत्रों में बचाव अभियान, जलभराव की स्थिति में राहत कार्य तथा जिला प्रशासन के साथ समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने जवानों को हर परिस्थिति में सतर्क, अनुशासित और संवेदनशील रहते हुए आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

कमांडेंट सिसोदिया ने कहा कि “आपदा सेवार्थ कटिबद्धता” एसडीआरएफ का मूल मंत्र है। किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों तक त्वरित, प्रभावी और मानवीय सहायता पहुंचाना बल की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ का प्रत्येक कार्मिक सेवा भावना के साथ चौबीसों घंटे प्रदेशवासियों की सुरक्षा के लिए समर्पित है।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने एसडीआरएफ की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि मानसून के दौरान जिला प्रशासन और एसडीआरएफ के बीच बेहतर समन्वय से किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेजी और प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे।
एसडीआरएफ ने भरोसा दिलाया कि मानसून सत्र-2026 के दौरान किसी भी आपदा से निपटने के लिए बल प्रशिक्षित, संसाधन-संपन्न और पूरी तरह मुस्तैद है। प्रदेशभर में तैनात रेस्क्यू टीमें हर चुनौती का सामना करने और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए हर समय तैयार हैं।





