अजमेर में आरएएस अफसर की प्रोफेसर पत्नी को बदमाशों ने डिजिटल अरेस्ट कर लिया। महिला प्रोफेसर को उनके नाम से जनरेट हुई सिम से सेक्शुअल हैरेसमेंट मैसेज भेजे जाने के बारे में बताया।
शातिर बदमाशों ने केस का डर दिखाकर 7 लाख 50 हजार ट्रांसफर करवा लिए। महिला प्रोफेसर ने साइबर थाने में इसकी शिकायत दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर थाना पुलिस के अनुसार क्रिश्चियन गंज निवासी रुचि माथुर (48) पत्नी हेमंत स्वरूप माथुर की ओर से मुकदमा दर्ज करवाया गया है। महिला ने शिकायत देकर बताया- 30 अगस्त को अनजान नंबर से कॉल आया था। फोन करने वाले ने कहा- आपके नाम से सिम जनरेट हुई है। इसका दुरुपयोग सेक्शुअल हैरेसमेंट मैसेज भेजने में किया जा रहा है। मना करने पर कॉलर ने पुलिस में रिपोर्ट लिखवाने की बात कही।
महिला ने पुलिस को बताया- कॉलर ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस में मुख्य आरोपी होने के बारे में बताकर डराया। बाद में सीबीआई ऑफिसर दया नायक से बातचीत करवाई। सीबीआई ऑफिसर ने मैसेज और वीडियो कॉल पर बात की। महिला ने बताया- इसकी वॉट्सऐप चैट भी मेरे पास है।
मानसिक प्रताड़ित कर रुपए ऐंठ लिए गए महिला ने बताया- बदमाश ने उनको 31 अगस्त को 3 बजे अरेस्ट करने की धमकी देकर बैंक अकाउंट की जानकारी मांगी। मानसिक प्रताड़ित कर 2 सितंबर को 7 लाख 50 हजार रुपए चेक से आरटीजीएस (RTGS) करवा लिए। इसके बारे में पति को बताया तो उन्होंने साइबर नंबर 1930 पर कॉल कर जानकारी दी थी।
महिला अतिरिक्त रजिस्ट्रार हेमंत स्वरूप माथुर की पत्नी जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला रुचि माथुर अजमेर के सोफिया कॉलेज में होम साइंस की प्रोफेसर हैं। उनके पति RAS अफसर हेमंत स्वरूप माथुर हैं। माथुर अभी रेवेन्यू बोर्ड में अतिरिक्त रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत हैं।






