विधानसभा में विपक्ष की तरफ एक्स्ट्रा कैमरे लगाकर जासूसी करने का मामला राज्यपाल तक पहुंच गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अगुवाई में कांग्रेस विधायकों के एक दल ने राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से मुलाकात कर जॉइंट कमेटी से पूरे मामले की जांच करवाने और जांच तक विधानसभा को सील करने की मांग उठाई। राज्यपाल से मिलने के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने फिर जासूसी के आरोप दोहराए।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- इस पूरे मामले की जांच के लिए एक जॉइंट कमेटी बनाई जाए। इसमें सभी दलों के विधायकों को शामिल किया जाए। एक हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज को भी शामिल किया जाए। हमारी मांग है कि तुरंत विधानसभा को सील करके जांच की जाए। ताकि कैमरों की अदला-बदली नहीं हो सके। रिकॉर्डिंग का एक्सेस दूसरी जगह नहीं जा सके। राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वो इस पूरे मामले की जांच करवाएंगे कि कैमरे कैसे लगवाए हैं? किस कंपनी को टेंडर दिया गया है। इनका एक्सेस किसके पास है?

विधानसभा स्पीकर के रेस्ट रूम में लगा है दो स्पाई कैमरों का एक्सेस सिस्टम
जूली ने कहा- सदन में लाइव टेलीकास्ट के लिए लगे कैमरों का एक्सेस पूरी विधानसभा के पास है। इन कैमरों से यूट्यूब पर लाइव टेलीकास्ट होता है। दो स्पाई कैमरे लगे हैं, उनका एक्सेस किसी के पास नहीं है। केवल विधानसभा स्पीकर के पास है। उसका पूरा सिस्टम स्पीकर के रेस्ट रूम में लगा हुआ है। हमारी गोपनीय बैठकों में तय हुई रणनीति के बारे में इन्हें पहले से पता रहता है। उसका राज यही कैमरे हैं।
जूली ने कहा – बुधवार को भी सदन में कहा था कि 15 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित कर दीजिए। मैं चल कर बता दूंगा कि कहां से पूरा नेटवर्क चल रहा है। अगर इन लोगों में हिम्मत होती तो कल ही यह लोग हमें जनता के सामने एक्सपोज कर सकते थे। कह सकते थे कि विपक्ष झूठे आरोप लगा रहा है, लेकिन दिखाते कैसे, ये गलती करके बैठे हैं।

18.46 लाख में खरीदे गए जासूसी कैमरे, इनके टेंडर में साफ लिखा है ऑडियो रिकॉर्डिंग वाले कैमरे लगाए
जूली ने कहा- एक तरफ जहां विधानसभा सदन के सभी कैमरे एक करोड़ नौ लाख रुपए में बदले गए हैं। दो जासूसी कैमरे 18 लाख 46 हजार रुपए में लगाए गए हैं। पीडब्ल्यूडी ने इसका टेंडर दिया था। टेंडर डॉक्युमेंट में साफ लिखा हुआ है कि दो ऑडियो रिकॉर्डिंग वाले कैमरे लगाए गए हैं।






