स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने दो जूनियर क्लर्क को गुरुवार दोपहर गिरफ्तार किया है। राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से कनिष्ठ न्यायिक (सहायक लिपिक ग्रेड सेकेंड और लिपिक ग्रेड सेकेंड) के पदों पर सीधी भर्ती के लिए संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2022 में दोनों आरोपी ब्लूटुथ से चीटिंग कर पास हुए थे। नकल गिरोह के मास्टर माइंड से दोनों आरोपियों से 4-4 लाख रुपए में सौदा किया था। पिछले करीब 6 महीने से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे।
एडीजी (एसओजी एवं एटीएस) वी.के.सिंह ने बताया- कॉम्पिटिशन एग्जाम को ब्लूटूथ से चीटिंग कर पास करने वाले आरोपी रामप्रकाश जाट (26) पुत्र राधाकिशन निवासी कुचेरा नागौर और सुनील विश्नोई (25) पुत्र मदन लाल विश्नोई निवासी रावतसर हनुमानगढ़ को अरेस्ट किया है। जूनियर क्लर्क रामप्रकाश जाट वर्तमान में पोक्सो कोर्ट क्रम संख्या-1 उदयपुर और आरोपी सुनील विश्नोई वर्तमान मं जिला एवं सेशन न्यायालय हनुमानगढ़ में पदस्थापित था। दोनों ही आरोपी पिछले करीब 6 महीने से फरार चल रहे थे।
नकल से पास की एग्जाम राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से कनिष्ठ न्यायिक (सहायक लिपिक ग्रेड सेकेंड और लिपिक ग्रेड सेकेंड) के पदों पर सीधी भर्ती के लिए संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2022 का आयोजन किया गया था। नागौर के श्री विजयन डी.सुरी जैन विद्यापीठ सीनियर सेकेंडरी स्कूल में रामप्रकाश जाट का एग्जाम सेंटर आया था। हनुमानगढ़ के श्री नेहरू मेमोरियल चिल्ड्रन सीनियर सैकंडरी स्कूल में सुनील विश्नोई का एग्जाम सेंटर था। नकल गैंग के मुख्य आरोपी पौरव कालेर ने मोबाइल के जरिए रामप्रकाश जाट और सुनील विश्नोई को एग्जाम सेंटर में ब्लूटूथ डिवाइस से प्रश्न-पत्र के उत्तरों की नकल करवाई थी। नकल करवाने के लिए रामप्रकाश जाट और सुनील विश्नोई का 4-4 लाख रुपए में पौरव कालेर से सौदा तय हुआ था। ब्लूटूथ से चीटिंग कर कॉम्पिटिशन एग्जाम पास करने पर दोनों कनिष्ठ श्रेणी लिपिक (ग्रेड-द्वितीय) के पद पर चयनित हो गए।






