देवझूलनी एकादशी के मौके पर आज राजसमंद के चारभुजा, चित्तौड़गढ़ के सांवालिया सेठ और भीलवाड़ा के कोटड़ी श्याम में भगवान नगर भ्रमण पर निकलेंगे। राजसमंद के चारभुजा मंदिर में ठाकुर जी चांदी की बंदूक और सोने के रथ में सवार होकर निकले। इस दौरान पुजारी परिवार सोने-चांदी के अस्त्र और शस्त्रों के साथ निकले। इससे पहले तीनों मंदिरों में मंगला आरती हुई।
इधर, सांवलिया सेठ चांदी के रथ में सवार होकर निकले। शोभायात्रा में नासिक से आए कलाकारों ने ढोल पर चढ़कर करतब भी दिखाया। बारिश के बावजूद भक्तों ने यहां जमकर डांस किया।
चारभुजा में ठाकुर जी को सोने के घड़े से स्नान करवाया गया। इसके बाद हीरे-मोती से जड़े जेवरात से शृंगार हुआ। ये शृंगार साल में केवल दो बार ही होता है। जैसे ही ठाकुर जी नगर भ्रमण पर निकले, भक्तों ने जमकर गुलाल उड़ाई।
फोटो में देखिए मेवाड़ के तीनों आराध्य की बेवाण यात्रा की झलक…
फोटो राजसमंद का है। ठाकुर जी के स्वागत के लिए गुलाल उड़ाई जा रही है। दर्शन के लोग छतों पर चढ़ गए।
मंदिर से लेकर दूधतलाई तक भक्तों की भीड़ है। यहां पैर रखने तक की जगह नहीं है। जगह-जगह गुलाल उड़ा कर ठाकुर जी का स्वागत किया जा रहा है।
फोटो राजसमंद का है। यहां दूसरी परिक्रमा के दौरान दूध तलाई में ठाकुर जी को स्नान करवाया गया।
कोटड़ी श्याम में निकली ठाकुर जी की यात्रा इस दौरान ढोल-नगाड़ों के साथ भक्तों ने जमकर डांस किया।
फोटो सांवलिया सेठ मंदिर का है। यहां एक कलाकार ने दो ढोल पर खड़े होकर करतब दिखाया।
फोटो राजसमंद के चारभुजा नाथ मंदिर काहै। ठाकुर जी के नगर भ्रमण पर निकलने से पहले पुजारी परिवार चांदी की बंदूक के साथ अन्य सोने-चांदी के अस्त्र-शस्त्र लेकर साथ चलेंगे।
मंदिर के बाहर मौजूद भक्त। ठाकुर जी के दर्शन के दौरान चारभुजा नाथ के जयकारे लगाए।
कोठड़ी श्याम चांदी के रथ में सवार होकर निकले। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे।
फोटो राजसमंद के चारभुजा जी का है। अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिए लोग छतों पर चढ़ गए और जयकारे लगाए।
फोटो भीलवाड़ा के कोटड़ी श्याम मंदिर का है। यहां सुबह मंगलवा आरती की गई। दोपहर बाद ठाकुर जी नगर भ्रमण पर निकलेंगे।
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