Traffic Tail

जोधपुर में युवकों को गाड़ी में बैठाकर लूट का मामला:पुलिस ने फरार कॉन्स्टेबल को 6 महीने बाद पकड़ा, 4 को किया जा चुका बर्खास्त

जोधपुर में वर्दी की आड में दो युवकों से लूट के आरोपी सरदारपुरा थाने के कॉन्स्टेबल और इनामी आरोपी ऋषभ सौउ को महामंदिर थाना पुलिस ने आखिरकार 6 महीने बाद गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी ने अपने साथी पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर जबरन माता का थान थाने ले गए थे। जहां दो युवकों से पैसे ले लिये थे। इस मामले में पूर्व में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन कॉन्स्टेबल फरार था। जिसकी गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।

पुलिस ने इस मामले में पूर्व में 4 कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने इस मामले में पूर्व में 4 कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने अब इस मामले में कॉन्स्टेबल ऋषभ सोउ पुत्र स्व. धर्माराम निवासी शिव कॉलोनी, महेश नगर, चैनपुरा मंडोर को गिरफ्तार किया। इस मामले में पूर्व में 4 कॉन्स्टेबल को बर्खास्त कर दिया गया था। पुलिस ने बाद में इस मामले में डकैती की धाराएं भी जोड़ी थी।

आरोपी ने रची थी साजिश

जानकारी के मुताबिक इस मामले की पूरी साजिश ऋषभ ने अपने सहयोगी भूपेंद्र के साथ मिलकर रची। इसमें माता का थान थाने के 4 कॉन्स्टेबल आरोपी बोरुंदा स्थित पालड़ी निवासी राकेश (31) पुत्र गोविंद सिंह, नागौर स्थित खींवसर निवासी नरसिंह राम (33) पुत्र स्व. करण सिंह, ओसियां स्थित थोब निवासी जगमालराम (33) पुत्र भोपालराम और जालोर के बागोड़ा स्थित वाडा भाडवी निवासी लादूराम (30) पुत्र नवलाराम भी उसके साथ वारदात में शामिल थे।

पुलिस ने उनको सेवा से बर्खास्त कर दिया था। फरार ऋषभ जाट सरदारपुरा थाने में कंप्यूटर ऑपरेटर था। उसे वारदात के तीन दिन पहले ही वहां से हटाकर थाने में संतरी लगाया था।

4 दिन बाद दर्ज करवाया था मामला

नांदड़ी स्थित रामदेव नगर निवासी दिलीप गौड़ और उसके दोस्त रमेश शर्मा के साथ 14 जुलाई को पुलिसकर्मियों ने वारदात की। इस घटना के चौथे दिन पुलिस कांस्टेबलों के खिलाफ दोनों युवकों ने रिपोर्ट दी।

इसमें बताया कि वह 14 जुलाई को शॉपिंग के लिए निकले युवक को निशाना बना पुलिसकर्मियों ने युवक को ड्राइविंग सीट से नीचे उतारकर पीछे की सीट पर बिठाया। इसके बाद उसे कहा कि तुम्हारा अपहरण हो गया है। रुपयों की व्यवस्था करो। फिर उसे माता का थान थाने लेकर चले गए।

युवक उनके सामने गिड़गिड़ाया भी, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने। पहले उनकी जेब से 50-50 हजार रुपए निकाले। इसके बाद परिवादी की जेब से एटीएम निकाल दूसरे युवक को एटीएम भेज 1 लाख रुपए निकलवाए। बाद में अपने परिचित का स्कैनर मंगवा उसके खाते में 10 हजार क्रिप्टो ट्रांसफर करवाए।

थाने के कैमरे करवा दिए थे बंद

आरोपियों ने बचने की भी पूरी कोशिश की थी और थाने के कैमरे भी बंद करवा दिए थे, लेकिन माता का थान थाने के बाहर पुलिस कमांड कंट्रोल सेंटर के कैमरों में स्पष्ट रिकॉर्डिंग भी मिल गई थी, जिसमें एक पुलिस की वर्दी में और चार अन्य आरोपी दोनों पीड़ित युवकों को थाने में ले जाते हुए नजर आए थे। पुलिस के आला अधिकारियों की मॉनिटरिंग में एसीपी (प्रशिक्षु आईपीएस) हेमंत कलाल ने इनके खिलाफ सबूत ढूंढ निकाले।

Hind Raftar
Author: Hind Raftar

हिंद रफ्तार न्यूज को अब आप youtube,Facebook,instagram,Public Tv,Shuru App,twiter,linkdin,Explaurger पर देख सकते है साथ ही हिंद रफ्तार को आप hindraftar.com वेबसाइट पर भी देख सकते है हिंद रफ्तार न्यूज को जल्द ही आप jio tv, Tata play पर भी देख सकेंगे राजस्थान के सभी जिलों,विधानसभा और तहसीलों से रिपोर्टर बनने के लिए सम्पर्क करें 8955262351,8502859179