जोन-3 के क्षेत्र में लालकोठी खसरा संख्या 228 में जेडीए की कार्रवाई पर उठे सवाल: गार्ड तैनात करने के बावजूद फिर शुरू हुआ अवैध निर्माण
जमाबंदी में नगर विकास न्यास, जयपुर के नाम से है अंकित
27 फरवरी को नियुक्त किए गए थे गार्ड
हिंद रफ्तार,जयपुर
राजधानी जयपुर के पॉश इलाके लालकोठी में अवैध निर्माण को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है। नगर निगम लालकोठी के नजदीक स्थित एक विवादित निर्माण स्थल पर जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा पूर्व में सख्ती दिखाते हुए निर्माण कार्य रुकवाया गया था और मौके पर गार्ड तक तैनात किए गए थे। लेकिन अब उसी स्थल पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू हो जाना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह निर्माण कार्य नियमों के विपरीत पाए जाने पर जेडीए ने नोटिस जारी कर रोक लगाई थी। स्थिति को नियंत्रित रखने और दोबारा निर्माण शुरू न हो, इसके लिए मौके पर गार्ड नियुक्त किए गए थे। इसके बावजूद निर्माणकर्ता ने प्रशासनिक आदेशों को धता बताते हुए फिर से काम शुरू कर दिया, जो जेडीए की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सीधा सवाल है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य दिन-रात जारी है और भारी मशीनरी व मजदूरों की आवाजाही साफ देखी जा सकती है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे यह संदेह भी पैदा हो रहा है कि कहीं न कहीं मिलीभगत या लापरवाही के चलते नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है।
यह मामला इसलिए भी गंभीर हो जाता है क्योंकि जेडीए द्वारा गार्ड तैनात करना एक सख्त कदम माना जाता है, जो आमतौर पर अंतिम स्तर की निगरानी व्यवस्था होती है। इसके बावजूद यदि निर्माण दोबारा शुरू हो जाए तो यह न केवल नियमों की अवहेलना है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरी को भी दर्शाता है।

शहरी विकास से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं अवैध निर्माण को बढ़ावा देती हैं और अन्य लोगों के लिए भी गलत संदेश जाती हैं। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो शहर में अवैध निर्माण पर लगाम लगाना और भी मुश्किल हो जाएगा।
सुत्रो के मुताबिक उक्त जमीन अधिग्रहण की जा चुकी है इसमें काश्तकार को जमीन के बदले जमीन दी गई थी गौरतलब है कि उक्त “खसरा संख्या 228, ग्राम भोजपुरा,जयपुर” की जमाबंदी से ज्ञात होता है कि उक्त “खसरा नगर विकास न्यास” के नाम से अंकित है तो इस पर निर्माण होना पूर्णरूप से अवैध है
इस पर जेडीए प्रवर्तन शाखा ने दिनांक 27-02-2026 को निर्माण रोकने के गार्ड नियुक्त किए गए थे परंतु वर्तमान समय में फिर से निर्माण शुरू हो गया है।

अब सवाल यह उठता है कि जेडीए इस मामले में क्या कदम उठाता है। क्या दोबारा से निर्माण कार्य को रुकवाकर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल लालकोठी का यह मामला प्रशासन की साख के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।





