अंतिम नोटिस भी बेअसर, सी-125,मोती मार्ग, बापूनगर मे धड़ल्ले से जारी अवैध निर्माण

मालवीय नगर जोन की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित
हिंद रफ्तार,जयपुर
शहर में अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के दावों की हकीकत एक बार फिर सामने आ गई है। मालवीय नगर जोन के क्षेत्राधिकार स्थित “भुखण्ड संख्या सी-125, मोती मार्ग,बापुनगर में” अंतिम नोटिस जारी होने के बावजूद निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है। हैरानी की बात यह है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा “अंतिम चेतावनी” देने के बाद भी मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे पूरे मामले में विभागीय लापरवाही या मिलीभगत की आशंका गहराती जा रही है।

सूत्रों के अनुसार उक्त भूखण्ड पर बिना स्वीकृति के बहुमंजिला निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा है। जोन कार्यालय ने समय-समय पर नोटिस जारी कर अपनी औपचारिकता पूरी कर ली, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई नदारद रही। हाल ही में दिया गया अंतिम नोटिस भी केवल एक औपचारिक दस्तावेज बनकर रह गया है, जिसका निर्माणकर्ता पर कोई असर नहीं पड़ा।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य दिन-रात तेजी से चल रहा है, भारी मशीनरी और मजदूरों की आवाजाही लगातार बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौके पर निरीक्षण तक करने नहीं पहुंचे। इससे आमजन में रोष है और यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध निर्माण फल-फूल रहा है।

शहरी विकास नियमों के अनुसार अंतिम नोटिस के बाद तत्काल निर्माण कार्य को रुकवाना, सीलिंग या ध्वस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई करना अनिवार्य होता है। लेकिन सी-125 के मामले में नियमों की खुली अनदेखी हो रही है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि या तो विभागीय अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर नहीं हैं या फिर किसी दबाव में कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों में सख्ती नहीं बरती गई तो अवैध निर्माणों को बढ़ावा मिलेगा और शहर की नियोजित विकास व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। वहीं, यह मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे जोन स्तर पर जवाबदेही तय हो सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाकर नियमों की पालना सुनिश्चित करेगा, या फिर यह अवैध निर्माण भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।





