भाजपा की स्थापना से लेकर आज तक की यात्रा संघर्षपूर्ण, त्याग, तपस्या और बलिदान के बाद आज पार्टी बनीं “वटवृक्ष”:— मदन राठौड़
भाजपा के मूल विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ताओं को हर समय मिलना चाहिए सम्मान,संगठन की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता :— वसुंधरा राजे
“एक राष्ट्र, एक जन, एक संस्कृति” का सिद्धांत भाजपा की मूल पहचान, ये ही पहचान इसे अन्य दलों से करती है भिन्न:— घनश्याम तिवाडी
भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में विचार संगोष्ठि आयोजित, प्रबुद्धजनों को किया सम्मानित
हिंद रफ्तार, अनिल शर्मा,जयपुर
भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर भाजपा प्रदेश कार्यालय पर विचार संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तथा राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक यात्रा और भविष्य की दिशा को प्रस्तुत किया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भाजपा की स्थापना से लेकर आज तक की संघर्षपूर्ण यात्रा को रेखांकित करते हुए कहा कि अनेक बलिदानों, त्याग और तपस्या के बाद पार्टी आज एक “वटवृक्ष” के रूप में खड़ी है। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय के योगदान को याद करते हुए संगठन की वैचारिक नींव को बलिदान और राष्ट्रवाद पर आधारित बताया। राठौड़ ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने मुख्यतः संगठन की उपलब्धियों, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती लोकप्रियता की प्रशंसा की।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि आज विपक्ष के नेता भी भाजपा के नेतृत्व की सराहना करते हैं, फिर चाहे वो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर हो, आनंद शर्मा हो। वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि जहां दुनिया युद्ध और संकट से जूझ रही है, वहीं भारत मजबूती से खड़ा है और पड़ोसी देशों की मदद भी कर रहा है। आज विश्व में नेतृत्व देने की स्थिति में हमारा संगठन आया है। भाजपा एक विचार लेकर चला संगठन है। एकात्म मानववाद, सर्वे भवंतु सुखिनः और वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश लेकर चल रहा है। आज परिवारवादी पार्टियां लुप्त होने जा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने संगठन की जमीनी यात्रा, पुराने कार्यकर्ताओं के योगदान और आंतरिक अनुशासन पर विशेष बल दिया। राजे ने प्रारंभिक दिनों की स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार सीमित संसाधनों और कम संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी ने अपनी शुरुआत की थी। राजे ने कहा कि मूल कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। भाजपा के मूल विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ताओं को हर समय सम्मान मिलना चाहिए। संगठन की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता होते हैं, न कि वे लोग जो केवल अपने हितों के लिए पार्टी का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारियां केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं को दी जानी चाहिए जिनमें संगठन के प्रति निष्ठा, समर्पण और संस्कार हों। उन्होंने कहा कि दायित्व देने से पहले कार्यकर्ताओं की पृष्ठभूमि और उनकी विचारधारा की प्रतिबद्धता को बार-बार जांचना आवश्यक है। भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाए, जो बचपन से पार्टी की विचारधारा से जुड़े रहे हैं। भाजपा का मूल सिद्धांत यही रहा है कि विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया जाना चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमेशा सिद्धांतों को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण विचारधारा और नैतिकता होती है।

राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा की वैचारिक पृष्ठभूमि और ऐतिहासिक विकास को विस्तार से बताया। तिवाड़ी ने कहा कि भारतीय राजनीति को समझने के लिए श्यामाप्रसाद मुखर्जी और भीमराव अंबेडकर के पत्रों का अध्ययन करना आवश्यक है, जो उन्होंने जवाहरलाल नेहरू को इस्तीफे के दौरान लिखे थे। उन्होंने इन पत्रों को ऐतिहासिक धरोहर बताया और कहा कि जनसंघ की स्थापना भी त्याग और बलिदान की नींव पर हुई थी। भाजपा की जड़ें जनसंघ से जुड़ी हैं। तिवाड़ी ने “एक राष्ट्र, एक जन, एक संस्कृति” के सिद्धांत को भाजपा की मूल पहचान बताते हुए इसे अन्य दलों से भिन्न बताया। उनका भाषण वैचारिक स्पष्टता, इतिहास और संगठन की बुनियादी सोच पर केंद्रित रहा। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक मात्र ऐसी पार्टी है जो कार्यकर्ता आधारित है।

पार्टी विचारधारा से भटक कर चले गए थे, उनको कुछ नहीं मिला। आपातकाल के दौरान हमने बहुत यातनाएं सही। संघ की शाखा से हमने संस्कार लिए है। राष्ट्र हमारे लिए सर्वोपरि है।

भाजपा महामंत्री श्रवण सिंह बगडी ने बताया कि पार्टी के स्थापना दिवस पर बूथ नंबर 159 के अध्यक्ष राधेश्याम सैनी को मंच पर बैठाकर कार्यकर्ता सर्वोपरि का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता 1952 से सक्रिय श्रीराम खंडेलवाल(डेडी), चमनलाल तंवर, छतुमल (नेताजी), सीए बनवारी लाल दुसाद को माला, साफा और शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, जोगाराम पटेल, सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा, बालमुकुंदाचार्य, रामावतार बैरवा, महेंद्र पाल मीणा, भाजपा महामंत्री श्रवण सिंह बगडी, भूपेंद्र सैनी, मिथिलेश गौतम मंच पर उपस्थित रहें।






