Traffic Tail

जादुई चश्मा-दुर्लभ पेंटिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी:ठग खुद को नासा, डीआरडीओ और रक्षा मंत्रालय से जुड़ा बताते थे; सिलीगुड़ी से गिरफ्तार

रेडियोएक्टिव प्लेट, दुर्लभ पेंटिंग, मैजिकल चश्मा और करामती सुलेमानी माला के नाम पर देशभर के व्यापारियों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों को नासा, डीआरडीओ और भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर से जुड़ाव का झांसा देते थे और निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये ऐंठ लेते थे।

बनीपार्क थाना प्रभारी मनोज कुमार बेरवाल के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपियों को ट्रेस किया। इसके बाद पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से पकड़ा।

सिलीगुड़ी से पकड़े गए आरोपी

सिलीगुड़ी से पकड़े गए आरोपियों में विनय उर्फ बिनय पोद्दार और विकास उर्फ बिकास पोद्दार शामिल हैं, जिन पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। दोनों आरोपी साल 2019 से फरार चल रहे थे। इनके खिलाफ जयपुर सहित अन्य राज्यों में भी मामले दर्ज है।

पुलिस ने गिरोह के फार्म हाउस और अन्य ठिकानों से दुर्लभ पेंटिंग, मैजिकल चश्मे, सुलेमानी माला और धोखाधड़ी से जुड़े दस्तावेज बरामद किए। पुलिस को गिरोह के दर्जनों बैंक खातों की जानकारी मिली है। धोखाधड़ी से अर्जित राशि वाले खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

गिरोह के सदस्य पहले भी पकड़े गए

आरोपियों ने अपने गिरोह के साथ करोड़ों रुपए की ठगी की थी। इनसे पहले गिरोह के अजीत सिंह, सत्यनारायण, गणेश इंगोले, अमित गुप्ता, राकेश गोयल, सन्नी जैन, चन्द्र सैन, आशीष गुप्ता, शिवानी गुप्ता और भवानी सिंह शेखावत को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनके खिलाफ जयपुर, हैदराबाद, कोलकाता, इंदौर और दिल्ली सहित विभिन्न शहरों में मामले दर्ज हैं। गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।

हैदराबाद के व्यापारी से 5 करोड़ की ठगी

एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता ने बताया- गिरोह ने हैदराबाद निवासी व्यवसायी नंदकिशोर से रेडियोएक्टिव प्लेट में निवेश के नाम पर करीब 5.05 करोड़ रुपए की ठगी की थी। इसी तरह कोलकाता, इंदौर, दिल्ली और राजस्थान के कई व्यापारियों से भी करोड़ों रुपये ऐंठे गए थे। अब तक की जांच में सामने आया है कि गिरोह ने करीब 26 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है।

गिरोह ऐसे करता था करोड़ों की ठगी

एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता ने बताया- आरोपियों ने रेन्सल एनर्जी, Sipri, Rencel Elecken Fonvy, BMW Precious Metal Trade Linker जैसी फर्जी कंपनियां बनाईं थी। इसके बाद जयपुर, मुंबई और अन्य शहरों में ऑफिस खोलकर रेडियोएक्टिव प्लेट और दुर्लभ कलाकृतियों को ऊंचे दामों पर बेचने का लालच दिया जाता था।

आरोपी खुद को नासा, डीआरडीओ, रक्षा मंत्रालय और भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर से जुड़ा बताकर फर्जी दस्तावेज दिखाते थे। लोगों को विश्वास में लेने के लिए आगरा रोड स्थित फार्म हाउस पर तथाकथित केमिकल टेस्टिंग कराई जाती थी,जिसकी फीस भी करोड़ों में वसूली जाती थी।

टेस्टिंग को बार-बार फेल बताकर दोबारा जांच के नाम पर फिर से पैसे लिए जाते थे। इसके बाद भव्य ऑफिसों में लोगों को मैजिकल मिरर, चश्मा और सुलेमानी माला दिखाकर ठगी की जाती थी।

Hind Raftar
Author: Hind Raftar

हिंद रफ्तार न्यूज को अब आप youtube,Facebook,instagram,Public Tv,Shuru App,twiter,linkdin,Explaurger पर देख सकते है साथ ही हिंद रफ्तार को आप hindraftar.com वेबसाइट पर भी देख सकते है हिंद रफ्तार न्यूज को जल्द ही आप jio tv, Tata play पर भी देख सकेंगे राजस्थान के सभी जिलों,विधानसभा और तहसीलों से रिपोर्टर बनने के लिए सम्पर्क करें 8955262351,8502859179

Read More