जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जोन-10 में करीब 40 बीघा जेडीए स्वामित्व की बेशकीमती सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। जिसकी कीमत 80 करोड़ रूपये आंकी गई है। साथ ही जोन-13 में हिंगोनिया गौषाला के करीब 05 बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया।
उप महानिरीक्षक पुलिस, राहुल कोटोकी ने बताया कि जोन-10 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित आगरा रोड़, ग्राम गोविन्दपुरा उर्फ रोपाड़ा, आसाराम बापू आश्रम के पीेछे, खो नागोरियान क्षेत्र में जेडीए स्वामित्व की करीब 40 बीघा बेषकीमती सरकारी भूमि के खसरा नं. 306, 364, 426, 427, 439 से 443 तक स्थानीय काश्तकारों द्वारा अतिक्रमण कर बनाई गई बाउण्ड्रीवाल, टीनशेडनुमा कोठरियां, मिट्टी की डोल बनाकर, सीमेन्ट के पिल्लर, झाडियां लगाकर, तारबंदी कर अतिक्रमण किये जाने की सूचना प्राप्त होने पर किये गये अतिक्रमणों को उप महानिरीक्षक राहुल कोटोकी के निर्देषन में आज जोन-10 के राजस्व, तकनीकी स्टॉफ, तहसीलदार, पटवारी की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से ध्वस्त कर हटवाया जाकर बेषकीमती सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। उक्त अतिक्रमण मुक्त भूमि की अनुमानित कीमत करीब 80 करोड रूपये है।
जोन-13 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित आगरा रोड़ के पास ग्राम सिंदोली, सांभरीया रोड़, जिला जयपुर के खसरा नं. 334 हिंगोनिया गौषाला की करीब 05 बीघा सरकारी भूमि पर स्थानीय काष्तकारों द्वारा अतिक्रमण कर मिट्टी की डोल बनाकर, सीमेन्ट के पिल्लर लगाकर, तारबंदी कर, भूमि को समतल कर मिट्टी डालकर रास्ता बना रखा था। जिसकी सूचना प्राप्त होने पर किये गये अतिक्रमणों को उप महानिरीक्षक राहुल कोटोकी के निर्देषन में आज जोन-13 के राजस्व, तकनीकी स्टॉफ, तहसीलदार, पटवारी की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मषीन व मजदूरों की सहायता से हटवाया जाकर गौषाला की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। उक्त कार्यवाही के दौरान गौषाला ट्रस्ट के कृष्णा बलराम सेवा संस्थान संरक्षक प्रेमानन्द भी मौके पर उपस्थित रहे।
उक्त कार्यवाहियां मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन आदर्ष चौधरी के पर्यवेक्षण में उपनियंत्रक प्रवर्तन-द्वितीय, प्रवर्तन अधिकारी जोन-10, 13 तथा प्राधिकरण में उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड एवं जोन में पदस्थापित राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा सम्पादित की गई।






