अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह परिसर के महफिल खाना के पास स्थित करीब दो सौ साल पुराना सबीली गेट को ढहा दिया गया है। गत दिनों हुई बरसात में इसका कुछ हिस्सा गिर गया था।
दरगाह कमेटी जल्द ही इस गेट का निर्माण करवाएगी। गेट के पुनर्निर्माण से उसकी चौड़ाई करीब डेढ़ गुना बढ़ने की उम्मीद है। जिससे दरगाह परिसर में जायरीन की आवाजाही सुगम, सरल व सहज हो सकेगी।

मलबा हटाने का काम करते श्रमिक।
दरगाह कमेटी कर्मचारियों के अनुसार गत महीने लगातार हुई तेज बरसात से सबीली गेट व उसके नजदीक हुजरे की छत व गेट का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था। इस पर कमेटी ने अब हुजरे का कुछ हिस्सा व सबीली गेट संबंधित लोगों की सहमति से गिरवा दिया है और योजनाबद्ध तरीके से नया गेट बनाने का प्रयास शुरू कर दिया है।






