पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एसआई भर्ती परीक्षा पर हाईकोर्ट के फैसले को लेकर राज्य सरकार और बीजेपी पर पलटवार किया है। गहलोत ने कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा और हनुमान बेनीवाल पर भी तंज कसा है। गहलोत ने कहा- एसआई भर्ती परीक्षा पर हाईकोर्ट के फैसले ने भाजपा के दोहरे चरित्र को जनता के सामने एक्सपोज कर दिया है। बीजेपी जनता में तो एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर अलग बातें करती है और हाईकोर्ट में एफिडेविट देती है कि एसआई भर्ती परीक्षा रद्द नहीं करनी है। हमारे समय रीट की परीक्षा का पेपरलीक हुआ था, हमने पूरी परीक्षा रद्द की। वापस परीक्षा करवाई। गहलोत प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
गहलोत ने कहा- कई नेता तो टीवी पर झगड़ रहे हैं। एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लोग देखेंगे तो क्या कहेंगे। किरोड़ी लाल मीणा और हनुमान बेनीवाल दोनों दोस्त हैं, हमारी सरकार गिराने के प्रयास में हनुमान बेनीवाल भी था और किरोड़ी लाल मीणा भी था। दोनों दोस्त थे, हेलीकॉप्टर लेकर खूब घूमे राजस्थान में, इनका पुराना इतिहास है।
पेपरलीक में दो आरपीएएसी मेंबर पकड़े उनमें से एक बीजेपी राज में बना था, हमारे वक्त बनी एंटी चीटिंग सेल की वजह से ही पकड़े गए हैं
गहलोत ने कहा- पेपरलीक के खिलाफ जितने कड़े फैसले हमने लिए उतने किसी सरकार ने नही लिए। हमने 10 करोड़ की पेनल्टी और आजीवन कारावास का प्रावधान किया। संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान किया। एसओजी में एंटी चीटिंग सेल बनाई, इसी कारण यह सब चीज सामने आ रही हैं। जिनके नाम आ रहे हैं उनमें तीन आरपीएएसी मेंबर वो भी हैं जो वसुंधरा राजे के समय अपॉइंटमेंट हुआ था। दो जो पकड़े गए हैं उनमें एक अपॉइंटमेंट भाजपा के समय हुआ था इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। पेपर लीक नहीं हो, यह सुनिश्चित कैसे हो इसके लिए पक्ष विपक्ष मिलकर काम करें।
बेरोजगारी से ऐसा माहौल बन गया, सभी भर्तियों में पेपरलीक हुए
गहलोत ने कहा- पूरे देश में बेरोजगारी से ऐसा माहौल बन गया कि तमाम राज्यों और केंद्र सरकार द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रहती हैं। आर्मी, ज्यूडिशियर, मेडिकल की नीट परीक्षा तक के पेपर लीक हुए जिसके कारण देशभर में विवाद हुए। उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब, पश्चिम बंगाल समेत अनेक राज्यों में 50 से ज्यादा पेपर लीक की घटनाएं हुईं। राजस्थान भी इससे अछूता नहीं रहा परन्तु जैसे सख्त कदम राजस्थान में उठाए गए वो देशभर में एक मिसाल बने।
पेपरलीक के खिलाफ सबसे सख्त कानून हमने बनाया
गहलोत ने कहा- देश में पेपर लीक के खिलाफ पहले 10 साल, फिर इसे बढ़ाकर उम्रकैद तक की सजा एवं 10 करोड़ रुपये जुर्माना, दोषियों की संपत्ति कुर्क जैसा कठोर कानून सबसे पहले राजस्थान में पिछली कांग्रेस सरकार ने ही बनाया था। इस कानून के बाद ही केेंद्र सरकार ने कानून बनाया पर सजा का प्रावधान कम रखा। 2021 में कांग्रेस सरकार ने पूर्व IPS और RPSC चेयरमैन रहे महेंद्र कुमावत की अध्यक्षता में कमिटी बनाई जिसने परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर करने के लिए सुझाव दिए, जिनके आधार पर परीक्षा प्रणाली में सुधार किए गए। हमारी सरकार के दौरान पेपर लीक, नकल आदि पर कार्रवाई के लिए SOG में एंटी चीटिंग सेल का गठन किया गया था जिसने ऐसे कामों में सैकड़ों लोगों को जेल में बंद किया।
RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा को हमारी सरकार ने अरेस्ट किया, रीट पेपर लीक हुआ तो परीक्षा रद्द की
गहलोत ने कहा- हमारी सरकार के दौरान जिस परीक्षा में गड़बड़ी सामने आई, उसके अपराधियों को गिरफ्तार किया गया,परीक्षा को रद्द किया गया। RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा को भी कांग्रेस सरकार के दौरान पद पर रहते हुए गिरफ्तार किया गया जिससे एक संदेश दिया जा सके कि आरोपी किसी भी स्तर का व्यक्ति हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस सरकार के समय रीट परीक्षा लेवल 2 की परीक्षा में अनियमितताएं सामने आईं थी जिसे सरकार ने रद्द कर समयबद्ध तरीके से फिर परीक्षा आयोजित करवाई। पदों की संख्या को 32,000 से बढ़ाकर 50,000 से अधिक युवाओं को नौकरी दी थी। तब एसओजी ने बताया था कि कुछ 70-80 लोगों तक पेपर पहुंचा पर हमने विश्वास बहाल रखने के लिए सख्त कदम उठाए।
धनखड़ का हम सब इंतजार कर रहे हैं, वो राजस्थान आएंगे तो पूछेंगे क्या हुआ?
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ को लेकर गहलोत ने कहा कि हम सब इंतजार कर रहे हैं कि वह राजस्थान कब आएंगे, हम तो उनका स्वागत करेंगे। हम तो पूछेंगे कि भाई क्या हुआ, क्या कारण रहा? बात चीत करेंगे।






