बड़े पैमाने पर विलाओं के निर्माण जारी, जेडीए प्रशासनिक सख्ती पर सवाल
कृषि भूमि पर विकसित हो रही कॉलोनी को लेकर उठे सवाल, कार्रवाई नहीं होने से चर्चाओं का बाजार गर्म

हिंद रफ्तार,जयपुर
जयपुर विकास प्राधिकरण के जोन-14 बालावाला क्षेत्र स्थित “यदुपति रेजीडेंसी” इन दिनों बड़े पैमाने पर जारी विलाओं के निर्माण को लेकर चर्चाओं में है। क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रही इस कॉलोनी में एक साथ कई विलाओं का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है निर्माण स्थल पर लगातार चल रही गतिविधियों ने स्थानीय लोगों और आसपास के भू-स्वामियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

सुत्रों के मुताबिक जिस भूमि पर यह कॉलोनी विकसित की जा रही है, वह पूर्व में कृषि भूमि के रूप में दर्ज रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी आवासीय परियोजना के लिए आवश्यक स्वीकृतियां और भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की गई है या नहीं। क्षेत्र में निर्माण कार्य जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उसने जेडीए की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।निर्माण स्थल पर बड़ी संख्या में मजदूर, निर्माण सामग्री से भरे वाहन और भारी मशीनरी लगातार काम में लगी हुई है। बताया जा रहा है कि कई विला संरचनाएं लगभग तैयार अवस्था में पहुंच चुकी हैं, जबकि कुछ नए निर्माण भी शुरू कर दिए गए हैं।

*नियमों की अनदेखी की आशंका*
यदि निर्माण कार्य वैधानिक स्वीकृतियों के अनुरूप हो रहा है तो संबंधित विभाग को सार्वजनिक रूप से इसकी जानकारी देनी चाहिए। वहीं यदि बिना अनुमति अथवा नियमों की अनदेखी कर निर्माण किया जा रहा है तो यह सीधे तौर पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को चुनौती माना जाएगा।
जानकारों का कहना है कि किसी भी कृषि भूमि पर आवासीय परियोजना विकसित करने से पहले भू-उपयोग परिवर्तन, नक्शा स्वीकृति और विभिन्न विभागीय अनुमतियां आवश्यक होती हैं
*ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या “यदुपति रेजीडेंसी” में इन सभी नियमों का पालन किया गया है या नहीं?*

*कार्रवाई नहीं होने से उठ रहे सवाल*
क्षेत्र में इतने बड़े स्तर पर निर्माण कार्य होने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई या जांच सामने नहीं आई है। इससे यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आखिर संबंधित अधिकारियों की नजर इस निर्माण पर क्यों नहीं पड़ रही।
जेडीए जोन-14 प्रशासन तत्काल मौके का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की वैधता की जांच करे और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

*जेडीए की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल*
मुख्यमंत्री की अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रहे बड़े निर्माण कार्य प्रशासनिक सख्ती पर सवाल खड़े कर रहे हैं। “यदुपति रेजीडेंसी” का मामला भी अब इसी कड़ी में देखा जा रहा है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जेडीए इस मामले में केवल नोटिस जारी करने तक सीमित रहता है या फिर मौके पर कार्रवाई कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाता है







