प्रदेश में ‘अन्य सेवा’ से IAS चयन की प्रक्रिया में जिस प्रकार का विलंब और पक्षपात की खबरें सामने आ रही हैं,वह चिंताजनक है।जब UPSC बोर्ड और केंद्र सरकार ने नामों पर मुहर लगा दी है, तो फिर पिछले एक माह से CMO स्तर पर इन पदोन्नतियों को क्यों रोका गया है?
प्रशासनिक नियुक्तियों में योग्यता और पारदर्शिता के बजाय ‘पसंदीदा’ चेहरों या राजनीतिक रसूख को प्राथमिकता देना संस्थागत गरिमा के विरुद्ध है।चयन प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों के रिश्तों और निकटता की जो चर्चाएँ सार्वजनिक हो रही हैं,उनसे सरकार की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
मैं राज्य सरकार से मांग करता हूं कि इस गतिरोध को समाप्त कर योग्यता के आधार पर अविलंब नियुक्तियाँ जारी की जाएं,ताकि प्रशासनिक ढांचा राजनीति से मुक्त होकर सुचारू रूप से कार्य कर सके।






