कृषि और आपदा राहत मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा- जहां आफत पड़े वहां मेरे को जाना पड़ता है। बाढ़ का मंत्री हूं, जिम्मेदारी मेरी है। जहां बाढ़ पड़े तू भाग। मकान गिरे तो तू जा। बिजली गिरे तो तू जा। जहां आफत पड़े वहां मेरे को जाना पड़ता है। यह ऐसा नहीं है, जहां भी आफत पड़े, जो भी दुख तकलीफ में आए, वहां जाना होता है।
डॉ किरोड़ी ने कहा- यह मेरा संयोग है, पहले वसुंधरा राजे 2003 से 2008 तक मुख्यमंत्री रही थीं, तब मैं आपदा मंत्री था। अब 22 साल बाद नंबर आया मंत्री बनने का तो भी भजनलालजी ने आपदा मंत्री बना दिया। या तो इन्होंने पुराना चार्ज देख लिया होगा कि पहला ही दे दो। डॉ. किरोड़ीलाल मीणा सोमवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में हुए राज्य स्तरीय मसाला क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में बोल रहे थे।
vभारी बारिश से 193 लोग मरे, 13 लोग रील बनाने के चक्कर में मरे डॉ. किरोड़ी ने कहा- 193 लोग अतिवृष्टि के कारण मरे, कुछ बिजली गिरने से मरे, कुछ बह गए। कुछ रील के चक्कर में मरे। मैंने उसका विश्लेषण करवाया। आप रील के चक्कर में मत पड़ जाना, अभी बरसात और होगी। रील बनाते-बनाते 13 लोग बह गए। उन सब 193 लोगों को हम पैसा देंगे। पैसे की कोई कमी नहीं है। डबल इंजन की सरकार है, राजस्थान में कमी रहने वाली नहीं है।
वसुंधरा राजे को धन्यवाद, उन्होंने मेरे फोन के बाद गरीब विधवा को सहायता दी किरोड़ी ने कहा- उस समय में मैं राजधानी से सवाई माधोपुर जा रहा था। लालसोट में चाय की थड़ी पर रुका। वहां ग्रामीणों ने बताया कि बिजली पड़ थी, बिजली से एक व्यक्ति मर गया, उसकी 2 बकरी मर गई और पीछे विधवा बेसहारा रह गई, उसके आगे पीछे कोई नहीं है। मैंने वहीं से तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से बात की और कहा कि इस दयनीय हालत में आपदा राहत से क्या मदद कर सकते हैं? वसुंधरा राजे को धन्यवाद दूंगा कि उसी वक्त उन्होंने उस गरीब विधवा को 50 हजार रुपए दिलवाए।






