शहरभर में बारिश के दौरान कई बार बिजली गुल हुई। कई इलाकों में घंटों तक लाइट नहीं आई। बिजली फॉल्ट निकालने के लिए एफआरटी टीमें दौड़ती रहीं। 24 घंटे में 327 जगहों से बिजली बंद की शिकायतें डिस्कॉम के कॉलसेंटर पर दर्ज हुई। फॉल्ट निकालने के दौरान दो हेल्पर करंट से झुलस गए। इनके पास सुरक्षा के पर्याप्त उपकरण नहीं थे।
एफआरटी का हेल्पर सुरेश जाखड़ सोमवार सुबह 10:30 बजे एनएलयू सब डिवीजन में आने वाले मंडोर के मामा नाडी में 11 हजार केवी पर लाइन ठीक कर रहा था। दाएं हाथ में करंट आने से घायल हो गया। उसे मंडोर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसकी हालत अब ठीक है। वो बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहा था। ये स्थिति तब है जब लालसागर सब डिवीजन के एईएन द्वारा यहां के सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई थी। तब 15 स्टाफ के साथ सुरक्षा उपकरण पर्याप्त मिले थे। बावजूद इसके फॉल्ट ठीक करने दो संविदा कर्मी लाइन ठीक करने गए।
दईजर जेईएन के अधीन आने वाले 11 केवी फीडर पर काम करते सुबह 11 बजे हेल्पर दिनेश चौधरी के करंट आ गया। उसे एमजीएच में भर्ती करवाया, जहां उसकी हालत में सुधार है। डिस्कॉम एसई सिटी राजेश बोहरा ने बताया कि दोनों एफआरटी कर्मचारी की हालत ठीक है।
करंट से घायल बिजलीकर्मी सुरेश।






