कोटा शहर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के निर्देश पर भीमगंजमंडी पुलिस ने जानलेवा हमले के मामले में पांच इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। आरोपियों ने तलवार और लोहे के पाइप से एक व्यक्ति पर हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
एसपी गौतम ने बताया कि यह घटना 22 अगस्त की है। मोहम्मद इमरान नाम का व्यक्ति साबरी कौमी एकता सोसायटी कार्यालय के बाहर बैठा था, तभी अचानक उस पर हमला हुआ। पीड़ित ने बताया कि जब वह नमाज पढ़ने के लिए रंगपुर पुलिया के नीचे से बाहर निकला तो आशिक पठान हाथ में तलवार लेकर उसकी तरफ आया। उसके साथ हाशिम, समीर, साजिद, और अन्य आरोपी भी थे, जिनके हाथों में लोहे के पाइप थे।
अपनी जान बचाने के लिए इमरान भागा, लेकिन हमलावरों ने उसका पीछा किया। आशिक पठान ने उस पर तलवार से सिर पर वार किया। इमरान ने अपने बाएं हाथ से तलवार को रोकने की कोशिश की, जिससे उसकी उंगली में गंभीर चोटें आईं। इस घटना के बाद भीमगंजमंडी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सैनी और पुलिस उप-अधीक्षक गंगासहाय शर्मा के सुपरविजन में एक विशेष टीम का गठन किया। थानाधिकारी रामकिशन गोदारा के नेतृत्व में टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। कड़ी मेहनत, आसूचना और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया और उन्हें नोर्दन बाईपास रेलवे कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया।
आपसी रंजिश का खुलासा
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस हमले का कारण पुरानी रंजिश थी। मुख्य आरोपी आशिक पठान की बजरिया में नॉनवेज की दुकान है और दुकानदारी को लेकर इमरान के साथ उसका पहले भी झगड़ा हुआ था। इसी पुरानी दुश्मनी के चलते आशिक पठान ने अपने साथियों के साथ मिलकर इमरान पर जानलेवा हमला किया था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आशिक पठान पुत्र अकबर हुसैन (32) निवासी भीमगंजमण्डी हाल रेल्वेकोलोनी, ऐजाज उर्फ ऐजु खान पुत्र सिराज खान (19), हासिम पठान पुत्र रफीक मोहम्मद (29) व समीर पठान पुत्र मोहम्मद रफीक (27) निवासी भीमगंजमण्डी और बुन्दु पुत्र अब्दुल कय्युम (42) निवासी चन्द्रघटा थाना मकबरा कोटा शहर के रूप में हुई।
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है। इस सफल ऑपरेशन में कांस्टेबल लोकेश और किशन गोपाल की विशेष भूमिका रही।






