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बेनीवाल बोले- किरोड़ीलाल मीणा का ब्लैकमेल करने का धंधा:अशोक गहलोत से 200 करोड़ रुपए लिए; कहा था- वसुंधरा रेप केस में फंसाना चाहती है

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल में जुबानी जंग तेज हो गई है। बेनीवाल ने किरोड़ी लाल मीणा पर लोगों को ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया। कहा- इन्होंने (किरोड़ीलाल) 2013 में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से 200 करोड़ रुपए लेकर हेलिकॉप्टर उड़ाए थे।

मीणा ने वसुंधरा राजे के लिए मुझसे कहा था- ये मुझे रेप केस में फंसाना चाहती है। बेनीवाल ने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 पर कहा- सरकार के मंत्री और अधिकारी नहीं चाहते थे कि SI भर्ती रद्द हो।

जयपुर के शहीद स्मारक पर सांसद हनुमान बेनीवाल ने SI भर्ती रद्द होने पर जश्न मनाया। गुरुवार देर रात धरना समाप्त करने की घोषणा की।
जयपुर के शहीद स्मारक पर सांसद हनुमान बेनीवाल ने SI भर्ती रद्द होने पर जश्न मनाया। गुरुवार देर रात धरना समाप्त करने की घोषणा की।

शौकीन मिजाज अधिकारियों ने CM को गलत फीडबैक दिया जयपुर के शहीद स्मारक पर गुरुवार (28 अगस्त) रात मीडिया से बेनीवाल ने कहा- राजस्थान सरकार के मंत्री केके बिश्नोई और जोगाराम जैसे सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द नहीं कराना चाहते थे। इनके साथ ही कुछ शौकीन मिजाज के अधिकारियों ने अपनी महिला मित्रों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री को गलत फीडबैक दिया।

इन लोगों के कहने से ही मुख्यमंत्री ने सरकार के स्तर पर भर्ती को रद्द नहीं किया। इससे पूरे प्रदेश और देश को पता चल गया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अक्षम हैं। वह कुछ नहीं कर सकते हैं। इसके बाद हाई कोर्ट को ही न्याय देना पड़ा है।

बेनीवाल ने कहा- राजस्थान में RLP के बाद आदिवासी पार्टी आ गई है। जो लोग पार्टियां बनाने के दावे करते थे, उनकी दुकानों पर ताले लग गए। उनका सामान खत्म हो गया है। अब वह लोग बरसाती मेढकों की तरह फुदक रहे हैं। इसलिए अब वह लोग तथ्यहीन बातें और बयान देकर सुर्खियां बटोरने में जुटे हैं।

बेनीवाल ने कहा- अगर फर्जी तरीके से सब इंस्पेक्टर थानों में लग जाते हैं तो भविष्य में यह लोग राजस्थान को लूट कर रख देते। तब न बेटियां सुरक्षित रहतीं, न जनता।

बेनीवाल बोले- वसुंधरा राजे के लिए क्या कुछ नहीं कहा बेनीवाल ने कहा- किरोड़ी लाल मीणा मुझसे 20 से 25 साल उम्र में बड़े हैं। वह मेरे पिता के साथ विधायक रहे हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं। जब वह दुख के दिनों में थे। उन्होंने मुझसे कहा था- वसुंधरा राजे मुझे रेप के मुकदमे में फंसाना चाहती है। उन्होंने मुझसे वसुंधरा राजे के लिए क्या कुछ नहीं कहा।

टंकी प्रकरण में उन्हें सीबीआई में पकड़े जाने का डर लग रहा था। उन्होंने मुझसे कहा कि आप कुछ करो, राजस्थान में सिर्फ मीणा से कुछ नहीं होगा। जिसको लेकर मैंने लड़ाई लड़ी। हमारी कुछ रैलियों में डॉक्टर साहब आए और उसके बाद छूमंतर हो गए।

विधानसभा में अकेले जाने से डरते थे बेनीवाल ने कहा- डॉ. किरोड़ीलाल मीणा अकेले विधानसभा जाने से डरते थे। उन्हें डर लगता था कि रमेश मीणा (पूर्व मंत्री, कांग्रेस) और ओमप्रकाश हुड़ला (पूर्व विधायक, कांग्रेस) उन पर हमला न कर दें। उन्हें लगता था कि कम से कम एक आदमी तो इनसे बचाने वाला मेरे साथ होना चाहिए। इसलिए वह हमेशा मुझे अपने साथ रखते थे।

मैं उनके साथ ही तब विधानसभा जाता था। एक दिन अचानक मेरे पास फोन आया कि आप विधानसभा चलो मैं आता हूं। उसके आधे घंटे बाद मुझे पता चला की किरोड़ीलाल मीणा वसुंधरा राजे के कदमों में गिर गए हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली है।

पार्टी के नाम से आदिवासियों के साथ धोखा किया उदयपुर जिले के गोगुंदा में किरोड़ीलाल मीणा ने नई पार्टी बनाने के दावे किए थे। जब पर्दा हटा, तो पता चला कि यह तो पीए संगमा जी की राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा ) थी। मैंने उनसे नई पार्टी बनाने की बात कही और मैं नाराज होकर वापस लौट आया था। उन्होंने मुझसे कहा कि मीणा तो मेरे साथ हैं ही, मैं आदिवासियों को आदिवासी पार्टी के नाम से अपने साथ कर लूंगा।

उसके बाद वह सुबह 5 बजे मुझे मनाने मेरे घर पर आए। उन्होंने मुझसे कहा था कि मेरा संगमा जी और दूसरे लोगों से सौदा तय हो गया है। तब उन्होंने कोई नई पार्टी नहीं बनाई थी बल्कि जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम किया। राजस्थान में नई पार्टी तो 66 साल बाद हनुमान बेनीवाल ने ही बनाई है।

बेनीवाल ने कहा- किसान आंदोलन के वक्त उन्होंने कहा था कि बॉर्डर पर आतंकवादी बैठे हुए हैं। मोदी जी अच्छा बिल लाए हैं, तब भी मैं किसान बिल के खिलाफ लड़ रहा था। पहलवान बेटियों के खिलाफ उन्होंने गलत बयानबाजी की। तब भी मैंने पहलवान बेटियों के हक में लड़ाई लड़ी। जिस तरह से उन्होंने मेरे साथ व्यवहार किया है। उससे मैं बहुत ज्यादा आहत हूं।

सांसद हनुमान बेनीवाल ने जयपुर में शहीद स्मारक पर 28 अगस्त की रात समर्थकों के साथ खुशी का इजहार कुछ इस तरह किया।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने जयपुर में शहीद स्मारक पर 28 अगस्त की रात समर्थकों के साथ खुशी का इजहार कुछ इस तरह किया।

मैं नहीं होता, तो किरोड़ी को डंडे खाने पड़ते बेनीवाल ने कहा- मैं तो उन्हें (किरोड़ीलाल) आप-आप कर रहा था, लेकिन वह पड़ी पंचायती में कूद पड़े। उनका कोई लेना-देना नहीं था। उन्हें वैसे भी कौन पूछ रहा है। जब उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। तब एक लाइन लिखी थी कि- ‘रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाए पर वचन न जाए।’ लेकिन किरोड़ीलाल मीणा ने तो इस्तीफा वापस ले लिया।

इस हिसाब से तो उन्हें अपने प्राण त्याग देने चाहिए, लेकिन मुझे पता है वह अपने प्राण नहीं त्याग सकते हैं। जिस दौसा रेलवे स्टेशन के घटनाक्रम की वह बात कर रहे हैं, वहां अगर मैं नहीं होता, तो किरोड़ी लाल मीणा को काफी डंडे खाने पड़ते। तब मैंने उनके डंडे अपने शरीर पर खाए हैं। तब वह दुबक गए थे।

ब्लैकमेल करना किरोड़ी का धंधा बेनीवाल ने कहा- मैं कभी किसी लड़ाई में नहीं हारा हूं, लेकिन डॉक्टर साहब आंदोलन करते हैं। उसके बाद लोगों को ब्लैकमेल कर अपना काम सिद्ध करते हैं। DOIT में जहां सोने के बिस्किट मिले थे, वहां 5 करोड़ रुपए किरोड़ीलाल मीणा ने लिए हैं। हवामहल विधानसभा में मीणा युवक की मौत के मामले में किरोड़ीलाल मीणा ने दो करोड़ रुपए महेश जोशी से लिए थे। दिलाने वाला तब बीजेपी का नेता था।

उस वक्त किरोड़ीलाल मीणा ने 50 लाख उस परिवार को दिए और डेढ़ करोड़ रुपए खुद की जेब में रख लिए थे। यह आदतन है, यह उनका धंधा है। वह आज से नहीं बल्कि, सालों से यही काम कर रहे हैं। पेपरलीक मामले में जगदीश बिश्नोई (पेपरलीक गिरोह) हो या फिर कोई और दूसरा व्यक्ति। यही लोग किरोड़ीलाल मीणा को सूचनाएं लाकर देते थे। इसे पढ़कर किरोड़ीलाल मीणा खुद को विद्वान और ज्ञानी बताते थे।

मीणा से उनका भाई भी परेशान बेनीवाल ने कहा- किरोड़ीलाल मीणा कह रहे हैं कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की पोल खोलेंगे। मेरी पार्टी में कार्यकारिणी भंग हो चुकी है। मैं मेरी पार्टी में अकेला ही व्यक्ति हूं। अगर फिर भी उन्हें कोई व्यक्ति गलत या दोषी लगता है तो मुझे बताओ। मैं उसके खिलाफ कार्रवाई करूंगा, लेकिन मैं उनकी तरह नहीं हूं, जो दिनभर भजनलाल शर्मा के खिलाफ गलत शब्दों का प्रयोग कर बयानबाजी करूं।

दौसा में बोल रहे थे, भजनलाल शर्मा के साथ खड़ा नहीं रहूंगा। अपने भाई को टिकट दिला दी। इनकी वजह से इनका भाई चुनाव हार गया। वह भी इनसे परेशान है। अब यह भजनलाल शर्मा के साथ हेलिकॉप्टर में घूम रहे हैं। वह अपनी बात पर ही नहीं रह सकते हैं। किरोड़ीलाल मीणा तो सिर्फ पॉपुलैरिटी के लिए इस मुद्दे में आए हैं।

उन्हें लग रहा था कि सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द होने का क्रेडिट हनुमान बेनीवाल को जा रहा है। उन्होंने गलत भाषा का प्रयोग फोन पर किया है। उन्हें पता था फोन से मैं निकल नहीं सकता हूं। लेकिन वह मेरे सामने इस तरह के शब्दों का प्रयोग नहीं कर सकते हैं।

डूडी के कहने से स्पर्धा को लड़ाया चुनाव बेनीवाल ने कहा- रामेश्वर डूडी (पूर्व नेता प्रतिपक्ष) और काफी लोग चाहते थे स्पर्धा 2018 में मेरी पार्टी से फुलेरा सीट पर चुनाव लड़े। तब मैंने उन्हें चुनाव लड़ाया और अपनी पार्टी की महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष भी बनाया। उसके बाद सारी कार्यकारिणी भंग हो गई आज वह कहां पर है, मुझे इसकी जानकारी तक नहीं है। अगर फिर भी उसके खिलाफ कोई सबूत डॉक्टर साहब के पास है, तो आरोप ही क्यों लगा रहे हैं। उनकी ही पार्टी की सरकार राजस्थान में है। उसे गिरफ्तार करें, मैंने कहां किसे रोका है।

क्या दलाली कर रहे थे मीणा बेनीवाल कहते हैं- जब मैं निर्दलीय विधायक था, तब सचिन पायलट ने मुझे किरोड़ीलाल मीणा से बातचीत करने के लिए कहा था। उसके बाद की कहानी क्या है, यह तो मैं भी 10 साल बाद सुन रहा हूं। क्योंकि जिस राज्यसभा चुनाव की बात वो कर रहे हैं, वह चुनाव 2016 में हुए थे।

इतने साल बाद इन्हें अचानक सपना कैसे आ गया। वह मेरे पर पैसे लेने के आरोप लगा रहे हैं। तो क्या वह तब दलाली कर रहे थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष कमल मुरारका का पैसे देने का ठेका उन्होंने ले रखा था। क्या उनके कहने से तब कैंडिडेट खड़ा हुआ था।

मैंने सबूत दिया, तो अंतिम सांस लेंगे किरोड़ी बेनीवाल ने कहा- तब कांग्रेस पार्टी ने कैंडिडेट खड़ा किया था। तीन चार वोट डॉक्टर साहब के पास थे, एक मेरा निर्दलीय का वोट मेरा था। तब हमें मिलकर उन्हें चुनाव जीतना था। ऐसे तो मैंने सुभाष चंद्र को भी खड़ा किया था। मेरे पास तो इतने आरोप लगाने से काम नहीं चलता है।

डॉक्टर साहब को सबूत लाकर देना चाहिए। मेरे पास तो डॉक्टर साहब के इतने सबूत हैं, अगर मैं उन्हें लेकर आ गया, तो वह उसी वक्त अंतिम सांस ले लेंगे। फ्रस्ट्रेशन में क्रेडिट लेने के लिए उन्होंने सारी मर्यादाएं तोड़ दीं। मेरा विधायक कोष भी उन्होंने रुकवाया था।

किरोड़ी ने गहलोत से लिए 200 करोड़ बेनीवाल ने कहा- किरोड़ीलाल मीणा का धंधा ही लोगों को डरा-धमका कर उनकी रिकॉर्डिंग कर उन्हें ब्लैकमेल करना है। एसएन गुप्ता ने मुझे बताया था कि उन्होंने अशोक गहलोत से 200 करोड़ रुपए किरोड़ीलाल मीणा को दिलवाए थे। उसके बाद ही 2008 और 2013 में हेलिकॉप्टर उड़ पाए थे।

अशोक गहलोत से पैसे लेकर किरोड़ीलाल मीणा ने पैसे किसे दिए, उन्हें इस बात का जवाब देना चाहिए। किरोड़ीलाल तो सिर्फ भजनलाल शर्मा के यहां नौकरी कर रहे हैं। उनका सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से कोई लेना-देना नहीं है।

Hind Raftar
Author: Hind Raftar

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