जोधपुर के मणाई गांव स्थित आश्रम में नाबालिग से रेप केस में दोषी आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत बढ़ाने में राहत नहीं मिली। आज हुई सुनवाई में कोर्ट ने अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल से मिली मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने की याचिका को खारिज कर दिया। अब आसाराम को 30 अगस्त की सुबह 10 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करना होगा।
कोर्ट ने कहा कि सिविल हॉस्पिटल की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति इतनी गंभीर नहीं है, कि उसकी अंतरिम जमानत बढ़ाई जाए। हालांकि, कोर्ट ने जेल में आसाराम को व्हील चेयर की सुविधा और एक सहायक उपलब्धता की छूट दी है। इसके साथ ही जरुरत पड़ने पर जोधपुर एम्स में जांच करवाई जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले उन्होंने खराब स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट और गुजरात हाईकोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि स्वास्थ्य में गंभीर गिरावट हो तो हाईकोर्ट त्वरित सुनवाई कर सकता है।
गुजरात हाईकोर्ट ने 19 अगस्त 2025 को आदेश दिया था कि वर्तमान में आईसीयू में भर्ती होने और मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर स्थिति दर्शाए जाने के आधार पर उनकी अस्थायी जमानत 3 सितंबर 2025 तक बढ़ाई जाती है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट में आवेदन की छूट दी थी, परंतु राजस्थान हाईकोर्ट ने आज अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल की रिपोर्ट के आधार पर राहत देने से इनकार कर दिया।
इसी तरह, राजस्थान हाईकोर्ट से भी पूर्व में आसाराम को 29 अगस्त तक की अंतरिम जमानत दी गई थी। चूंकि, कोर्ट ने आज इसी अवधि को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है, इसीलिए आसाराम को अब जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करना होगा।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, सिर्फ विशेष परिस्थितियों में और डॉक्टरों की पुख्ता राय के आधार पर ही अंतरिम जमानत पर विचार हो सकता है, जो मौजूदा रिपोर्ट में नहीं पाया गया।






