अजमेर में बीसी के नाम पर लोगों की जमा राशि हड़पने के मामले में प्रोडक्शन वारंट पर सेंट्रल जेल से आरोपी कमलेश बंजारा और कुलदीप को वापिस गिरफ्तार किया है। क्लॉक टावर थाना पुलिस ने पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया जहां से दोनों को वापस जेल भेजने के आदेश दिए गए।
दोनों आरोपी रिश्ते में भाई हैं, जिनके खिलाफ राशि हड़पने की 10 एफआईआर दर्ज हैं। वहीं एक एफआईआर में 70 पीड़ित हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों में जरूरत पड़ने पर फिर से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर फिर से गिरफ्तार किया जा सकता है।
आरोपियों ने नहीं लौटाई राशि
पुलिस के मुताबिक 6 महीने पहले तोपदड़ा बंजारा बस्ती निवासी राजू बंजारा ने कोर्ट के जरिए इस्तगासा दर्ज कराया था। इस्तगासे में परिवादी ने कहा था कि वह वह मूंदड़ी मोहल्ला में फैंसी की दुकान पर काम करता है। कमलेश और कुलदीप द्वारा समाज के लोगों की बीसी पिछले कई वर्षों से संचालित की जा रही थी। ऐसे में उसने भी 2021 से कमलेश के पास अपनी बीसी का खाता खुलवा रखा था। 2021 से 2025 तक कुल 1 लाख 65 हजार रुपए कमलेश के पास जमा करा दिए थे। यह बीसी की राशि उसे परिपक्वता के आधार पर वापस मिलनी थी। लेकिन आरोपियों ने यह राशि उसे नहीं लौटाई। इस मामले में परिवादी ने कमलेश, मां रसाली, भाई कुलदीप और उसकी पत्नी सपना के नाम भी बीसी संचालक के तौर पर बताए थे।
दूसरी एफआईआर में 3.65 लाख रुपए ठगने का आरोप
क्लॉक टावर थाना एसएचओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि बंजारा बस्ती के ही त्रिलोक बंजारा ने भी इस्तगासा के जरिए मामला दर्ज कराया था। त्रिलोक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 2025 तक उसने 4 लाख 65 हजार पास जमा कराए थे। परिपक्व होने पर आरोपियों ने केवल एक लाख रुपए ही लौटाए। शेष 3 लाख 65 हजार रुपए की मांग कमलेश से की तो उसने टालना शुरू कर दिया।
8 फरवरी 2025 को आरोपी कमलेश रुपए लेकर भाग गया। अन्य परिजनों ने रुपए देने से इनकार कर दिया। इस एफआईआर के तहत पुलिस ने दोनों को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया था।






