आसींद के शंभूगढ़ पंचायत समिति मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में क्रमोन्नत करने की मांग जोर पकड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि 30 साल पहले इस केंद्र का उद्घाटन हुआ था, लेकिन बढ़ती आबादी और रोगियों की संख्या के बावजूद इसे अपग्रेड नहीं किया गया है।
पिछले तीन दशकों में शंभूगढ़ और आसपास के क्षेत्रों की जनसंख्या में काफी वृद्धि हुई है, जिससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रोगियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। अस्पताल में आवश्यक संसाधनों और चिकित्सा कर्मियों की कमी महसूस की जा रही है।
पंचायत समिति मुख्यालय होने के बावजूद उचित चिकित्सा व्यवस्था न होने के कारण गंभीर बीमारियों की स्थिति में हजारों ग्रामीणों को चिकित्सा लाभ के लिए आसींद या गुलाबपुरा जैसे बड़े अस्पतालों में जाना पड़ता है। 10 हजार की आबादी वाले शंभूगढ़ कस्बे की स्वास्थ्य जिम्मेदारी केवल एक डॉक्टर के भरोसे है।
आपातकालीन परिस्थितियों में बीमार व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सुविधा नहीं मिल पाती, जिससे उन्हें अन्यत्र भटकना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों ने इस संबंध में स्थानीय विधायक जबर सिंह सांखला से भी मुलाकात कर आगामी बजट में शंभूगढ़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार के बजट में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत कर दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त ग्रामीणों ने कस्बे में आपातकालीन 108 एंबुलेंस सुविधा शुरू करने की भी मांग की है। राष्ट्रीय राजमार्ग 148 D के नजदीक स्थित होने के कारण शंभूगढ़ PHC के पास अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। दुर्घटना में घायल रोगियों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए साधन उपलब्ध न होने के कारण कई बार उनकी जान चली जाती है। 108 एंबुलेंस सेवा से ऐसे रोगियों को तत्काल सहायता मिल सकेगी।






