Traffic Tail

राजस्थान में चैटबॉट के माध्यम से बीमार पशुओं के इलाज में अभूतपूर्व पहल छः महीने में 65490 पशुओं का किया गया उपचार

राजस्थान में पशुपालन विभाग ने तकनीकी नवाचार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बीमार पशुओं के उपचार हेतु ‘चैटबॉट प्रणाली’ की शुरुआत की है। इस अनूठी पहल से अब पशुपालक अपने पशुओं की बीमारी, लक्षण और संबंधित समस्याओं की जानकारी सीधे विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुँचा रहे हैं और उन्हें त्वरित चिकित्सा परामर्श प्राप्त हो रहा है। पिछले छः महीने के दौरान प्रदेश में 82713 पशुपालक इस माध्यम से जुड़ कर सलाह ले चुके हैं और 65490 पशुओं को चिकित्सा सहायता दी जा चुकी है।
केंद्रीय राज्यमंत्री श्री बघेल ने पशुपालन विभाग राजस्थान के इस नवाचार की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों में विस्तारित करने योग्य बताया। श्री बघेल ने राजस्थान सरकार के इस नवाचार के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा व पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत के अभिनव प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य राज्यों के लिए भी चैटबॉट मॉडल को अपनाने की बात कही है।
पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राजस्थान सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ पशुपालन को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। चैटबॉट जैसी तकनीकी पहलें पशुपालकों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर पशुपालक को घर बैठे चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो।
विभाग के सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि आने वाले समय में चैटबॉट प्रणाली को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जोड़ने की योजना है, जिससे पशुओं की बीमारियों का त्वरित विश्लेषण और निदान और भी सटीक हो सकेगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने भी राजस्थान के 1962 चैटबॉट मॉडल की सराहना करते हुए इस मॉडल को अपने प्रदेश में अपनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में कृषि, पशुपालन, डेयरी डवलपमेंट एवं मत्स्य विभाग के उप सचिव एम.बी. माराले ने महाराष्ट्र में संचालित 1962 महापशुधन संजीवनी एप के माध्यम से राजस्थान की तर्ज पर वाट्सएप चैटबॉट की सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ आनंद सेजरा के अनुसार, चैटबॉट प्रणाली ने पशु उपचार सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और सुलभ बनाया है। इससे न केवल उपचार की प्रक्रिया में तेजी आई है बल्कि पशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
पशुपालन विभाग के इस अभिनव प्रयास से प्रदेशभर में पशुपालकों को बड़ी राहत मिली है। चैटबॉट के माध्यम से ग्रामीण अंचलों से लेकर दूरस्थ क्षेत्रों तक के पशुपालक विभाग से सीधे संवाद स्थापित कर पा रहे हैं। पशु चिकित्सक ऑनलाइन माध्यम से न केवल परामर्श दे रहे हैं बल्कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित क्षेत्र के पशु चिकित्सालयों को तुरंत सूचना देकर मौके पर इलाज की व्यवस्था भी कर रहे हैं।
यह पहल राजस्थान को डिजिटल पशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है।

Hind Raftar
Author: Hind Raftar

हिंद रफ्तार न्यूज को अब आप youtube,Facebook,instagram,Public Tv,Shuru App,twiter,linkdin,Explaurger पर देख सकते है साथ ही हिंद रफ्तार को आप hindraftar.com वेबसाइट पर भी देख सकते है हिंद रफ्तार न्यूज को जल्द ही आप jio tv, Tata play पर भी देख सकेंगे राजस्थान के सभी जिलों,विधानसभा और तहसीलों से रिपोर्टर बनने के लिए सम्पर्क करें 8955262351,8502859179