जयपुर सहित प्रदेश के गणेश मंदिरों में सुबह से गणपति बप्पा मोरया…मंगल मूर्ति मोरया की गूंज है। जयपुर में मोती डूंगरी गणेश मंदिर से लेकर चार दीवारी में विराजे नहर के गणेश और गढ़ गणेश मंदिरों में हजारों की संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं।
इससे पहले गणेश चतुर्थी महोत्सव की शुरुआत बुधवार सुबह मंदिरों में मंगला आरती के साथ हुई। इसके बाद रिद्दि-सिद्धि के दाता के प्रथम दर्शन भक्तों को हुए। कहीं भगवान को सोने का मुकुट पहनाया गया है तो कहीं, राजसी वेशभूषा में गजानन नजर आ रहे हैं।
नौलखा हार भी भगवान को चढ़ाया
जयपुर के मोती-डूंगरी गणेश मंदिर में मंगलवार देर रात से भक्तों का लाइन में लगना शुरू हो गया था। यहां भगवान गणेश को विशेष श्रृंगार में स्वर्ण मुकुट पहनाकर चांदी के सिंहासन पर विराजमान किया गया।
महंत परिवार की ओर से तैयार कराया गया नौलखा हार भी गणपति को धारण करवाया गया है। इससे पहले 26 अगस्त को मोती डूंगरी मंदिर में सिंजारा महोत्सव मनाया गया।
गणपति को 3100 किलो मेहंदी अर्पित की गई। यह मेहंदी पाली के सोजत से मंगवाई गई थी। पूजा के बाद रात 7:30 बजे से मंदिर परिसर के पांच स्थानों पर प्रसाद स्वरूप मेहंदी का वितरण किया
मोदक चढ़ाए, पंचामृत कसे अभिषेक
जयपुर के गढ़ गणेश मंदिर में आज सुबह पंचामृत अभिषेक और पुष्प माला श्रृंगार किया गया। परंपरा अनुसार यहां गणपति बाल स्वरूप में विराजते हैं। सुबह 5 बजे मंगला आरती की गई, जिसमें सहस्त्र दुर्वा और सहस्त्र मोदक अर्पित किए गए। भक्त सुबह से ही गणपति के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों की होड़
जयपुर के ब्रह्मपुरी स्थित श्री नहर के गणेश मंदिर में सुबह 5 बजे मंगला आरती की गई। इस अवसर पर भगवान गणेश को राजशाही पोशाक धारण करवाई गई। इसके बाद दूर्वा समर्पण और विशेष पूजन किया गया। मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
मोदक प्रिय को सोने के वर्क का चोला कराया धारण
चांदपोल बाजार स्थित परकोटा गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी पर सुबह पंचामृत और फलों के रसों से विशेष अभिषेक किया गया। इसके बाद गणपति को सोने के वर्क का चोला धारण करवाया गया। मंदिर परिसर को फूल बंगला झांकी और छप्पन भोग की सजावट से सुसज्जित किया गया है।

रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेश मंदिर पर लक्खी मेला शुरू
रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेश मंदिर में लगने वाले लक्खी मेले का मंगलवार से शुभारंभ हो गया। शुभारंभ के साथ ही यहां पर पैदल यात्रियों के जत्थे पहुंचने लगे हैं।
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यहां पचास से अधिक निशुल्क भंडारे लगाए गए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।







