जेडीए जोन-5 में नियमों की धज्जियां: नोटिस के बाद भी 8 फ्लैट तैयार, खुलेआम बिक्री जारी

हिंद रफ्तार,जयपुर
जयपुर। शहर में अवैध निर्माण पर रोक लगाने के दावे एक बार फिर खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं। जेडीए के जोन-5 क्षेत्र में स्थित भुखण्ड संख्या 805,रानीसती नगर में बन रहे 8 फ्लैटों का निर्माण जेडीए के बिना अनुमति व स्वीकृति से जारी होने पर विभाग ने उक्त निर्माण पर धारा 32-33 के नोटिस जारी करने के बावजूद भी निर्माण धड़ल्ले से जारी है।
जानकारी के अनुसार, जेडीए द्वारा उक्त निर्माण को नियम विरुद्ध मानते हुए पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद निर्माणकर्ता द्वारा न केवल फिनिशिंग कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है, बल्कि फ्लैटों का खुलेआम बेचान भी किया जा रहा है।
नोटिस बना औपचारिकता, कार्रवाई शून्य
स्थानीय लोगों का कहना है कि जेडीए की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह गई है। नोटिस जारी होने के बाद भी मौके पर किसी प्रकार की सख्त कार्रवाई नहीं होने से बिल्डर के हौसले बुलंद हैं।
फिनिशिंग के साथ-साथ बिक्री तेज
सूत्रों के अनुसार, फ्लैटों में तेजी से फिनिशिंग कार्य किया जा रहा है और संभावित खरीदारों को आकर्षित करने के लिए बिक्री प्रक्रिया भी चालू है। इससे न केवल नियमों की अनदेखी हो रही है, बल्कि आम लोगों के साथ धोखाधड़ी की आशंका भी बढ़ गई है।
खरीदारों के लिए बड़ा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि बिना वैध अनुमति के बने फ्लैट खरीदने वाले लोगों को भविष्य में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। जेडीए कभी भी ऐसे निर्माण पर सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर सकता है।
जिम्मेदारों की चुप्पी पर सवाल
इस पूरे मामले में जेडीए प्रवर्तन अधिकारी-5 की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर नोटिस के बाद भी निर्माण और बिक्री कैसे जारी है? क्या विभागीय निगरानी में लापरवाही?
अब बड़ा सवाल
क्या जेडीए इस अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई करेगा या फिर नियमों की अनदेखी इसी तरह जारी रहेगी?





