जयपुर के आमेर इलाके में सोमवार को नगर निगम प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई, जब एक स्कॉर्पियो कार बरसाती नाले में बह गई। स्थानीय लोगों की तत्परता से कार सवारों को सुरक्षित निकाल लिया गया, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था। बाद में, जेसीबी की मदद से वाहन को नाले से बाहर निकाला गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मानसून की शुरुआत से ही इस नाले में लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नाई की थड़ी से जयसिंहपुरा खोर को जोड़ने वाला यह एकमात्र मुख्य मार्ग है, जहाँ हल्की बारिश में भी पानी का बहाव तेज हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग केवल आश्वासन देकर चुप बैठ जाता है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं से लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन इस नाले पर पक्का पुल या कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करता, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी और लोगों की जान खतरे में बनी रहेगी।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यशैली और लापरवाह रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आज स्थानीय लोग निगम मुख्यालय जाकर कमिश्नर को इस समस्या से अवगत कराएंगे और लंबित कार्यों को पूरा कराने की मांग करेंगे।






