सीएम भजनलाल शर्मा ने आज दूसरे दिन भी सांसद-विधायक और प्रत्याशियों से संवाद किया। संवाद में शेखावटी के विधायकों ने सीएम से यमुना जल समझौते के काम में तेजी लाने की बात कही। विधायकों ने कहा कि यमुना जल का पानी शेखावटी लाने के लिए तेज गति से काम होना चाहिए।
तभी आने वाले चुनावों में इसका फायदा मिल सकेगा। विधायकों ने कहा कि यमुना जल समझौता शेखावटी अंचल की पुरानी मांग थी। जिसे सरकार ने पूरा किया हैं। लेकिन अब इसके काम में तेजी लानी चाहिए। धरातल पर काम होता दिखना चाहिए।
संवाद कार्यक्रम के दूसरे दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर नागौर, जोधपुर, बाड़मेर, जालोर-सिरोही, पाली, बीकानेर, श्रीगंगानगर, झुंझुंनू, सीकर, चूरू, जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, अलवर, अजमेर और दौसा संसदीय क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों और भाजपा जिला अध्यक्षों के साथ संवाद हुआ।
इसमें बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ एवं केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुनराम मेघवाल, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरूण चतुर्वेदी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, सीपी जोशी भी मौजूद रहे।

पश्चिमी राजस्थान में बिजली-पानी की समस्या संवाद कार्यक्रम में पश्चिमी राजस्थान के विधायकों ने बिजली-पानी की समस्या को प्रमुखता से रखा। विधायकों ने कहा कि हमारे यहां पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं हो रही हैं। उन्होने इसमें सुधार की आवश्यकता बताई। वहीं विधायकों ने ईआरसीपी की तर्ज पर पश्चिमी राजस्थान के लिए डब्ल्यूआरसीपी योजना लाने की मांग भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सामने रखी।
कांग्रेस कमीशन के लिए काम करती थी मुख्यमंत्री ने संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के समुचित विकास के लिए हमने 200 विधानसभाओं में बिना किसी भेदभाव के बजट का प्रावधान किया। हमारी सरकार सबका साथ-सबका विकास में विश्वास रखती है।
जबकि पिछली कांग्रेस सरकार कमीशन के लिए काम करती थी। गत कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार और कुशासन का बोलबाला रहा और पेपरलीक कर युवाओं के सपनों को रौंदने का काम किया। वहीं, हमारी सरकार के डेढ़ साल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ। हमारी सरकार सुशासन के उच्चतम मापदंडों के अनुरूप कार्य कर रही है।






